अध्याय ड्रग के नशे में था, नशा उसकी आँखों में साफ़ झलक रहा था। आँखें उसकी बेहद लाल थीं और वह लाल आँखों से लस्ट भरी नज़रों के साथ मिष्टी को देखे जा रहा था। वहीं मिष्टी उसकी लस्ट भरी नज़रों को अपने ऊपर महसूस करके थर-थर कांप रही थी। उसे अध्याय से इस वक्त अच्छी वाइब्स नहीं आ रही थीं। तभी अध्याय उसके करीब आया और उसने उसे झटके से अपनी गोद में उठाया और वहां से सीधा बालकनी का डोर ओपन करते हुए स्विमिंग पूल के पास पहुँच गया।
उसने मिष्टी को एकदम से pool में फेंक दिया।

Show your support
Recent Supporters


Write a comment ...